हमारी संस्था और इसका लक्ष्य

श्री गरिमा महिला सेवा संस्थान की स्थापना और शुरुआत प्रबंधक मंजू चौधरी के द्वारा की गई| कहते हैं एक मनुष्य ही एक मनुष्य को समझ सकता है उसी प्रकार एक महिला ही एक महिला के सम्मान और गौरव को अत्यधिक गहराई से समझ सकती है | इसी सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई जो एक महिला समाज से लड़ रही है उसमें अनेको अनेक ग्रामीण महिलाओं बहनों को उनका सम्मान और स्वाभिमान दिलाने के लिए प्रबंधक मंजू चौधरी की यह एक छोटी सी पहल है जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अच्छा और सुनहरा अवसर दिया जा रहा है कि वह खुद को समाज में एक बहुमूल्य स्थान दे पाए महिलाओं का स्थान ग्रहणी के रुप में सर्वोपरि है और इसको कोई झूठा नहीं सकता है | जिस प्रकार एक महिला घर में मां बहन बीवी अनेकों रूपों में एक घर को मंदिर से संजू के रखती है उसी प्रकार एक महिला एक समाज के निर्माण में एक बहुमूल्य भूमिका भी निभाती है इसीलिए जहां केवल परिवार में एक पुरुष कमाई करता है वही यदि महिला भी अपना सहयोग धन अर्जित करने में दे तो घर और समाज दोनों को और खुशहाल बनाया जा सकता है |

श्री गरिमा महिला सेवा संस्थान - एक संकल्प है / एक विश्वास है / एक शुरूआत है - जो कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को उनकी स्वयं की पहचान और स्वयं की शक्ति से परिचय कराना है | इन ग्रामीण महिलाओं और बहनों को अपने पैरों पर खड़ा होने की शक्ति और आत्मनिर्भरता का उत्तरदायित्व देना है |

संस्था को उम्मीद है कि आप संस्था की इस पहल में सहयोग देंगी और अंय लोगों को सहयोग दिलाने में भी मदद करेंगे | सीखें भी / कमाई भी / साथ ही पाएं प्रमाण पत्र |

श्री गरिमा महिला सेवा संस्थान परियोजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की एक पहल है |

संस्था के ब्रांच

सरोजनी यादवअध्यापिका

हुसैन्पुर खुर्द, रामनगर जहांगीरगंज - अम्बेडकरनगर

किरन उपाध्यायअध्यापिका

दौलतपुर, हज्जलपट्टी, तिन्मोहानी, टांडा - अम्बेडकरनगर

रुकमणी पालअध्यापिका

दशरथपुर, एनवा चौकी, टांडा - अम्बेडकरनगर

पूनम उपाध्यायअध्यापिका

धौरहरा, सिझौली, सह्जादपुर, अकबरपुर - अम्बेडकरनगर

अध्यापिकाअध्यापिका

गौसपुर, सिझौली, सह्जादपुर, अकबरपुर - अम्बेडकरनगर

सुशीला वर्माअध्यापिका

बेलहरी, कुस्माहा, इब्राहिमपुर, पियारेपुर, टांडा - अम्बेडकरनगर